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टुकड़े टुकड़े गैंग में छपाक की फिल्म स्टार दीपिका पादुकोण भी शामिल, जेएनयू में जाकर हौंसला अफजाई की!
January 8, 2020 • SANJAY JOSHIY • राष्ट्रीय

न्यूज डेस्क । बैडमिंटन खिलाड़ी रहे प्रकाश पादुकोण ने भले ही भारत के लिए अनेक मैडल जीत कर तिरंगे का सम्मान बढ़ाया हो, लेकिन उनकी बेटी और फिल्मस्टार दीपिका पादुकोण अब टुकड़े टुकड़े गैंग के साथ खड़ी हैं। अपनी आने वाली फिल्म छपाक के लिए दीपिका 7 जनवरी की रात को दिल्ली स्थित जवालर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी के परिसर में उपस्थित रही। दीपिका ने छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष गत लोकसभा चुनाव में वामदल के उम्मीदवार कन्हैया कुमार का ओजस्वी भाषण भी सुना, हालांकि दीपिका ने अपनी ओर से कोई भाषण नहीं दिया, लेकिन उपस्थिति दर्ज करवा कर खुला समर्थन दे दिया। पिछले कुछ वर्षों में जेएनयू में क्या हो रहा है, यह किसी से भी छिपा नहीं है। जेएनयू में भारत तेरे टुकड़े होंगे, कश्मीर की आजादी लेकर रहेंगे, जैसे देश विरोधी नारे लगे हैं। जेएनयू में आए दिन हंगामा हिंसा और अराजकता हो रही है। कुछ छात्र नेताओं के बयान देश विरोधी प्रतीत हो रहे हैं। जेएनयू कैम्पस के माध्यम से जिस तरह देश में विरोध का माहौल खड़ा किया जा रहा है। उससे अनेक सवाल खड़े हो रहे हैं। ऐसे में दीपिका पादुकोण का जेएनयू परिसर में जाना बहुत मायने रखता है। हो सकता है कि दीपिका को देखने के बाद जेएनयू के कुछ छात्र फिल्म देखने के लिए सिनेमा घर में पहुंच जाए, लेकिन इसका खामियाजा दीपिका को देशभर में उठाना पड़ेगा। सोशल मीडिया पर अब दीपिका बायकाट या छपाक बायकाट का शोर शुरू हो गया है। दीपिका ने भले ही जेएनयू में जाकर कुछ छात्रों की हौंसला अफजाई की हो, लेकिन दीपिका के इस कृत्य को लेकर देश भर में नाराजगी भी है।  हो सकता है कि कुछ लोग दीपिका के समर्थन में हो, लेकिन अधिकतर लोग दीपिका के इस कृत्य से खुश नहीं है। दीपिका एक कलाकार है और समय-समय पर सीमा क्षेत्र में जाकर भारतीय सैनिकों की हौंसला अफजाई भी करती रही हैं। ऐसे में यदि दीपिका "टुकड़े टुकड़े" गैंग के साथ खड़ी होती है तो उनकी प्रतिष्ठा को भी नुकसान पहुंचेगा। अब तक दीपिका को भारतीय सैनिक भी सम्मान की निगाह से देखता था, लेकिन अब शायद सैनिकों के बीच दीपिका को ऐसा सम्मान न मिले। दीपिका को यह समझना चाहिए कि मौजूदा समय में देश की एकता और अखंडता जरूरी है। 
(साभार:एसपी.मित्तल)