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शिव नवरात्रि के आठवे दिन भगवान महाकाल ने श्री शिव तांडव के स्‍वरूप मे दर्शन दिये
February 20, 2020 • SANJAY JOSHIY • धार्मिक

महाशिवरात्रि पर्व की तैयारियां पूर्ण, वर्ष में एक बार दोपहर में होगी 22 फरवरी को भस्‍मार्ती

 


पर्व की व्‍यवस्‍थाओं का आयुक्‍त, कलेक्टर व आईजी. ने लिया जायजा


 
उज्जैन। (संजय जोशी)। श्री महाकालेश्‍वर मंदिर में महाशिवरात्रि पर्व शुक्रवार को हर्षोल्लास से मनाया जायेगा। महाशिवरात्रि पर्व की तैयारियां पूर्ण हो चुकी है। पर्व की व्‍यवस्‍थाओं का आयुक्‍त अजीत कुमार, पुलिस महानिरीक्षक राकेश गुप्‍ता व कलेक्टर शशांक मिश्र सहित अनेक ने वरिष्‍ठ प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मंदिर परिसर एवं मंदिर के आस-पास का निरीक्षण कर संबंधित अधिकारियों को आवश्‍यक दिशा निर्देश दिये। अधिकारियों ने दर्शनार्थियों की दर्शन व्‍यवस्‍थाओं का जायजा लिया और जहां कमी पाई गई उन कमियों को शीघ्रता से पूर्ण करने के निर्देश दिये। दर्शनार्थियों की दर्शन व्‍यवस्‍था सरलता से तथा उनकी सुविधाओं का ध्‍यान रखने के निर्देश भी संबंधित अधिकारियों को दिये। दर्शनार्थियों के लिये पेयजल, स्‍वास्‍थ्‍य सुविधा, गर्मी को देखते हुए शामियाना आदि व्‍यवस्‍था की जा रही है। दर्शनार्थियों के लिये दर्शन व्‍यवस्‍था की अलग-अलग व्‍यवस्‍था की गई है। निरीक्षण के दौरान डी.आई.जी. वरूण कपूरिया, कलेक्‍टर शशांक मिश्र, पुलिस अधीक्षक सचिन अतुलकर, नगर निगम आयुक्‍त ऋषि गर्ग, अतिरिक्‍त जिला दण्‍डाधिकारी आरपी. तिवारी, प्रशासक एसएस. रावत तथा पुलिस एवं जिला प्रशासन आदि विभिन्‍न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे। श्री महाकालेश्‍वर मंदिर में महाशिवरात्रि पर्व पर श्रद्धालुओं की आकस्मिक तबियत खराब होने की दशा में स्‍वास्‍थ्‍य विभाग के द्वारा निर्धारित स्‍थानों पर चिकित्‍सा काउन्‍टर बनाये गये है। काउन्‍टरों पर चिकित्‍सकीय अमला तैनात किया गया है। काउन्‍टरों पर पर्याप्‍त मात्रा में दवाई आदि की व्‍यवस्‍था की गई है। 
उधर शिव नवरात्रि के आठवे दिन गुरुवार सायं पूजन के पश्चात बाबा महाकाल ने श्रीशिव तांडव स्वरूप में भक्तों को दर्शन दिये। इसके पूर्व प्रातः शासकीय पुजारी घनश्याम शर्मा के आचार्यत्व में 11 ब्रा‍हम्‍णों द्वारा श्री महाकालेश्वर भगवान का अभिषेक एकादश-एकादशनी रूद्रपाठ से किया गया तथा सायं पूजन के पश्चात बाबा श्री महाकाल को नवीन वस्त्र धारण करवाये गये। इसके अतिरिक्त मेखला, दुपट्टा, कटरा, मुकुट, छत्र, मुण्ड माला एवं फलों की माला आदि धारण कराई गई।