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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी तारीफ कर रहे हैं, जन्मदिन पर राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत को इससे बड़ा तोहफा और क्या मिल सकता है?
May 3, 2020 • Just Rajasthan Team • राष्ट्रीय

 

न्यूजडेस्क। 3 मई को राजस्थान भर में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का जन्मदिन मनाया गया। कोरोना वायरस के प्रकोप और लॉकडाउन के चलते कोई बड़ा कार्यक्रम तो नहीं हुआ, लेकिन सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन करते हुए प्रदेशभर में अनेक कार्यक्रम हुए। सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्मों पर अशोक गहलोत छाए रहे। 1951 के जन्म के हिसाब से गहलोत 70 वर्ष के हो गए हैं। राजनीति में गहलोत की सबसे बड़ी उपलब्धि यही है कि वे तीसरी बार राजस्थान के मुख्यमंत्री बने हैं। गांधी परिवार से निकटता होने की वजह से राजस्थान में कांग्रेस की राजनीति में फिलहाल गहलोत का कोई विकल्प नहीं है। गहलोत गांधी परिवार खास कर श्रीमती सोनिया गांधी  के कितने विश्वासपात्र हैं, इसका अंदाजा दिसम्बर 2018 में तीसरी बार मुख्यमंत्री बने गहलोत की स्थिति से लगाया जा सकता है। सभी दावों और अधिकारों को परे धकेलते हुए गांधी परिवार में गहलोत को ही मुख्यमंत्री बनाया। गहलोत ने भी गांधी परिवार के प्रति वफादारी दिखाने में कभी चूक नहीं की। एक तरफ पूरा गांधी परिवार अशोक गहलोत का प्रशंसक हैं, तो दूसरी ओर देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी सार्वजनिक तौर पर गहलोत की तारीफ कर रहे हैं। हाल ही की मुख्यमंत्रियों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में पीएम मोदी ने गहलोत की जमकर प्रशंसा की। 70वें जन्मदिन पर गहलोत को इससे बड़ा तोहफा नहीं मिल सकता है। पीएम मोदी ने गहलोत की तारीफ तब कि जब गहलोत लगातार प्रधानमंत्री के तौर पर मोदी की आलोचना करते रहे हैं। गहलोत का तो यहां तक आरोप है कि मोदी सरकार की नीतियों की वजह से देश में तनाव उत्पन्न हो रहा है। मोदी जिस भाजपा का नेतृत्व करते हैं उस भाजपा को गहलोत फासिस्ट विचार धारा की पार्टी बताते हैं। गहलोत का यह भी आरोप है कि भाजपा और मोदी सरकार को राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ चलाता है। सीएम गहलोत मोदी सरकार को लेकर चाहे जो विचार रखें, लेकिन मौजूदा समय में पीएम मोदी सबसे ज्यादा अशोक गहलोत के सुझाव मान रहे हैं। गहलोत ने ही सबसे पहले मांग की थी कि प्रवासी श्रमिकों को अपने अपने प्रदेशों में लाया जाए। इसके बाद गहलोत ने कहा कि लॉकडाउन में स्पेशल ट्रेन चलाकर श्रमिकों को अपने गंतव्य तक पहुंचाया जाए। पीएम मोदी ने गहलोत की दोनों ही बातें स्वीकार कर ली है। लॉकडाउन के बाद भी श्रमिकों को एक-दूसरे प्रदेश में आने जाने की अनुमति दी और अब स्पेशल ट्रेन भी चलाई जा रही है। इसमें कोई दो राय नहीं कि अशोक गहलोत एक सफल राजनेता हैं। अपने राजनीतिक अनुभव की वजह से ही गहलोत गांधी परिवार के सलाहकार भी बने हुए हैं। कोरोना वायरस के प्रकोप के मददेनजर भी गहलोत हर मोर्चे पर मुस्तैद हैं।
(साभार:एसपी.मित्तल)