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महाशिवरात्रि पर्व पर दर्शनार्थियों को भगवान महाकाल के दर्शन समय पर एवं सुलभ ढंग से व्यवस्थाएं की जायेंगी
January 29, 2020 • SANJAY JOSHIY • धार्मिक

कलेक्टर मिश्र ने मन्दिर प्रबंध समिति की ली बैठक

उज्जैन 29 जनवरी। श्री महाकालेश्वर मन्दिर में महाशिवरात्रि पर्व 13 फरवरी से प्रारम्भ होकर 21 फरवरी को मनाया जायेगा। महाशिवरात्रि पर्व के अवसर पर मन्दिर में बड़ी संख्या में दर्शनार्थी दर्शन के लिये आयेंगे। उनको दृष्टिगत रखते हुए कलेक्टर एवं श्रीमहाकालेश्वर मन्दिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष शशांक मिश्र ने प्रशासक कार्यालय के सभाकक्ष में मन्दिर प्रबंध समिति की बैठक लेकर अधिकारियों को निर्देश दिये कि महाशिवरात्रि पर्व पर दर्शनार्थियों को भगवान महाकाल के दर्शन समय पर एवं सुलभ ढंग से व्यापक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जायें। कलेक्टर ने बैठक में पर्व पर श्रद्धालुओं के आगमन एवं निर्गम व्यवस्था, शीघ्र दर्शन, वीआईपी, दिव्यांगजन एवं वृद्धजन, सामान्य प्रवेश व्यवस्था, साफ-सफाई, भीड़ नियंत्रण एवं दर्शन व्यवस्था हेतु बेरिकेट्स, दर्शनार्थियों के लिये पानी व छाया व्यवस्था, दिव्यांगजनों के लिये व्हील चेयर आदि की व्यवस्थाओं पर चर्चा कर सम्बन्धितों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। बैठक में कलेक्टर ने महाशिवरात्रि पर्व पर विद्युत व्यवस्था, प्राथमिक उपचार एवं एम्बुलेंस व्यवस्था, जूता स्टेण्ड, पत्रकारों की व्यवस्था, यातायात व्यवस्था, अस्थाई फायर स्टेशन आदि बिन्दुओं पर चर्चा की और सम्बन्धितों को निर्देश दिये। बैठक में बताया गया कि 1500 रुपये की प्रवेश टिकिट पर स्लॉट डाले जायेंगे, जिसमें निर्धारित समय रहेगा। निर्धारित समय के बाद 1500 रुपये की प्रवेश टिकिट अवैध मानी जायेगी। 250 रुपये के टिकिट काउंटर अलग-अलग छह स्थानों पर लगाये जायेंगे। सामान्य दर्शनार्थियों की दर्शन व्यवस्था की कतार हरसिद्धि मन्दिर की ओर से रहेगी। हरसिद्धि की ओर जूता स्टेण्ड रहेगा। दर्शनार्थियों के लिये पेयजल की व्यवस्था हेतु पर्याप्त मात्रा में कर्मचारियों को लगाया जायेगा। बैठक में बताया गया कि महाशिवरात्रि पर्व पर पंडे-पुजारियों एवं मीडिया के प्रवेश के लिये फुटओवर बनाया जायेगा। पूर्व व्यवस्था अनुसार बेगमबाग वाला रास्ता पूर्णत: प्रतिबंधित रहेगा। बैठक में बताया गया कि महाशिवरात्रि पर्व पर 13 फरवरी से 20 फरवरी तक 1500 रुपये की रसीद कटाने पर दर्शनार्थियों को प्रवेश समय निर्धारित किया जायेगा। महाशिवरात्रि पर्व के दौरान नौ दिन 13 फरवरी से श्री महाकालेश्वर एवं कोटेश्वर महादेव का नित्य अभिषेक पूजन किया जायेगा। कोटेश्वर महादेव पर शिव पंचमी का पूजन-अभिषेक प्रात: 8 बजे से 9 बजे तक होगा। पूजन के दौरान कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जायेगी। कोटेश्वर महादेव की पूजन-आरती पश्चात भगवान महाकालेश्वर का पूजन-अभिषेक होगा। शिवरात्रि पर्व 21 फरवरी को गर्भगृह में 11-11 पंडितों द्वारा दोपहर 12 बजे उज्जैन तहसील की ओर से पूजा एवं शाम 4 बजे होल्कर एवं सिंधिया स्टेट की ओर से पूजन किया जायेगा। शिवरात्रि की शाम 7 बजे के बाद कोटितीर्थ तट पर स्थित श्री कोटेश्वर महादेव का पूजन, पंचामृत पूजन, सप्तधान्य अर्पण, सेहरा श्रृंगार, आरती का कार्य रात्रि लगभग 10 बजे तक चलेगा। रात्रि 11 बजे भगवान श्री महाकाल का महाभिषेक किया जायेगा। इसमें दूध, दही, खांडसारी, शहद, घी, पांच प्रकार के फलों का रस, गन्ने का रस, गंगाजल, गुलाब जल, भांग आदि सामग्री के साथ केशर मिश्रित दूध से अभिषेक किया जायेगा और गर्म जल से स्नान कराया जायेगा। अभिषेक के पश्चात भगवान महाकाल को नये वस्त्र धारण कराये जाकर श्री सप्तधान मुखारविंद धारण कराया जायेगा। इसके बाद सप्तधान अर्पण किया जायेगा, जिसमें चावल, मूंग खड़ा, तिल, मसूर खड़ा, गेहूं, जौ, साल, उड़द खड़ा आदि भगवान को अर्पण किये जायेंगे। सप्तधान अर्पण के बाद पुजारियों के द्वारा भगवान महाकाल को सेहरा बांधेंगे, जिसमें विभिन्न प्रकार के फूलों की लड़ियां, आंकड़े एवं पुष्प की मोटी-मोटी माला, बिल्वपत्र सवा लाख आदि की व्यवस्था की जायेगी। बैठक में अशासकीय सदस्य विजयशंकर शर्मा ने सुझाव दिया कि श्री महाकालेश्वर मन्दिर का एक निजी बैण्ड हो, जो प्रति सोमवार एवं विशेष अवसरों पर बजाया जाये। इस पर कलेक्टर ने कहा कि इस पर विचार कर एक कमेटी गठित की जायेगी। बैठक में पुलिस अधीक्षक सचिन अतुलकर, नगर निगम आयुक्त ऋषि गर्ग, प्रशासक एसएस रावत, उप प्रशासक पुष्पेन्द्र अहके, अशासकीय सदस्य आशीष शर्मा, विजयशंकर शर्मा, दीपक मित्तल, शासकीय संस्कृत महाविद्यालय के प्राचार्य एवं पदेन सदस्य डॉ.आरसी जाटवा, सहायक प्रशासक सीएस जोशी, मूलचन्द जूनवाल, प्रतीक द्विवेदी आदि उपस्थित थे।