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महाकाल गर्भगृह में तथा भस्म आरती प्रवेश पूर्णत: प्रतिबंधित
March 16, 2020 • SANJAY JOSHIY • धार्मिक

परम्परा अनुसार महाकाल मन्दिर के पुजारियों द्वारा भस्म आरती एवं अन्य आरतियां निर्धारित समयानुसार होगी, समस्त दर्शनार्थियों की स्क्रीनिंग भी


      
उज्जैन। श्री महाकालेश्वर मन्दिर में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु ज्योतिर्लिंग भगवान महाकाल के दर्शन करने आते हैं। स्वास्थ्य सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए आम श्रद्धालुओं के हित एवं कोरोना वायरस के संक्रमण से जान-माल को सुरक्षित रखने के लिये शासन द्वारा जारी एडवायजरी के अनुसरण में श्रीमहाकालेश्वर मन्दिर प्रबंध समिति के प्रशासक एसएस रावत ने महाकाल मन्दिर के कंट्रोल रूम में मन्दिर के समस्त पुजारी, पुरोहितों से चर्चा कर निर्णय लिया गया कि आगामी आदेश तक गर्भगृह एवं महाकाल भगवान की प्रतिदिन प्रात: होने वाली भस्म आरती में श्रद्धालुओं का प्रवेश पूर्णत: प्रतिबंधित रखा जाए। परम्परा अनुसार महाकाल मन्दिर में भगवान महाकाल की भस्म आरती एवं अन्य आरतियां निर्धारित परम्परा अनुसार पुजारी-पुरोहितों के द्वारा की जायेगी। मन्दिर में प्रवेश करने वाले समस्त दर्शनार्थियों की प्रवेश द्वारों पर स्क्रीनिंग की जायेगी। इस सम्बन्ध में प्रशासक एसएस रावत ने महाकाल मन्दिर के कंट्रोल रूम में प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से भी चर्चा कर जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि महाकाल मन्दिर में आने वाले समस्त दर्शनार्थियों का प्रवेश प्रात: 6 बजे से निर्धारित किया जाकर चलायमान व्यवस्था से भगवान महाकाल के दर्शन करायेंगे। मन्दिर परिसर स्थित अन्य मन्दिरों में बांधे जाने वाले रक्षासूत्र, कलावा, धागे, डोरे इत्यादि बांधने पर भी पूर्णत: प्रतिबंधित किया गया है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को दृष्टिगत रखते हुए मन्दिर परिसर में होने वाले समस्त पूजन, अनुष्ठानों में अधिकतम 20 सदस्यों की संख्या भी निर्धारित की गई है। आगामी आदेश तक मन्दिर प्रबंध समिति द्वारा संचालित नि:शुल्क अन्नक्षेत्र एवं महाकालेश्वर अतिथि निवास तथा श्रीमहाकालेश्वर पं.सूर्यनारायण व्यास अतिथि निवास को भी बन्द करने का निर्णय लिया गया है। श्री महाकालेश्वर मन्दिर में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा को दृष्टिगत रखते हुए मन्दिर में कार्यरत समस्त सफाईकर्मी निरन्तर उन स्थानों (जैसे रेलिंग आदि) को सेनिटाइजर से साफ करेंगे, जहां श्रद्धालु अपने हाथ इत्यादि स्पर्श करते हैं। मन्दिर के समस्त प्रवेश द्वार पर तैनात सुरक्षाकर्मी श्रद्धालुओं को प्रवेश के दौरान सेनिटाइजर से हाथ धुलवाकर मन्दिर में दर्शन के लिये प्रवेश करायेंगे। साथ ही दर्शनार्थियों के स्वास्थ्य सम्बन्धी जानकारी लेंगे। श्रीमहाकालेश्वर मन्दिर में आम दर्शनार्थियों के साथ-साथ विदेशी श्रद्धालु भी दर्शन के लिये आते हैं। उन विदेशी श्रद्धालुओं की फार्मेट में जानकारी प्राप्त करने के बाद संतुष्ट होने पर उनकी जिला अस्पताल द्वारा संचालित कोरोना आइसोलेशन सेन्टर में मेडिकल जांच हेतु भेजा  जायेगा।

प्रवेश द्वारों पर दर्शनार्थियों की थर्मामीटर से चेकिंग की जायेगी। इस दौरान किसी दर्शनार्थी की बुखार आदि होने पर उन्हें अस्पताल में जांच कराने हेतु सलाह दी जायेगी। महाकाल मन्दिर में एक स्थान पर अधिक भीड़ न रहे, इस पर भी मन्दिर प्रशासन विशेष ध्यान देगा। उल्लेखनीय है कि महाकाल मन्दिर में वर्तमान में प्रात: एवं दोपहर में दो से चार बजे के समय पर गर्भगृह में प्रवेश श्रद्धालुओं को दिया जाता था, वह भी पूर्णत: प्रतिबंधित रहेगा। एसएस रावत ने आम श्रद्धालुओं से अपील की है कि कोरोना वायरस के संक्रमण से जान-माल को सुरक्षित रखा जाने हेतु मन्दिर में दर्शन के लिये आने वाले श्रद्धालु अपनी सम्पूर्ण स्वास्थ्य व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए आयें। यह भी अपील की है कि मन्दिर में अधिक संख्या में एक स्थान पर इकट्ठे न रहे।  सहायक प्रशासक मूलचन्द जूनवाल, चन्द्रशेखर जोशी, प्रतीक द्विवेदी, सहायक प्रशासनिक अधिकारी आरके तिवारी, सुरक्षा अधिकारी श्रीमती रूबी यादव, मन्दिर प्रबंध समिति के सदस्य आशीष पुजारी, प्रदीप गुरू, अशोक शर्मा, राधेश्याम शास्त्री, महेश पुजारी, राजेश गुरू, लोकेन्द्र व्यास, सत्यनारायण शर्मा आदि पुजारी, पुरोहित एवं उनके प्रतिनिधि आदि उपस्थित थे।