ALL राष्ट्रीय धार्मिक सामाजिक खेल
कोरोना ; 5 अप्रैल को रात 9 बजे मात्र 9 मिनट के लिए बिजली बंद करने से विद्युत तंत्र पर कोई असर नहीं पड़ेगा !, सावधान ऐसी बेवजह की अफवाहें फैलाई जा रही हैं..
April 4, 2020 • Just Rajasthan Team • राष्ट्रीय

 

न्यूज डेस्क। कोरोना वायरस के प्रकोप के मद्देनजर घोषित 21 दिन के लॉकडाउन में लोगों की हौंसला अफजाई और सकारात्मक ऊर्जा देने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 5 अप्रैल रविवार को रात 9 बजे 9 मिनट के लिए घरों की बिजली बंद कर दीए जलाने की अपील की है। लोग मोमबत्ती और मोबाइल फोन की टॉर्च से भी रोशनी कर सकते हैं। प्रधानमंत्री के इस आव्हान के विपरीत सोशल मीडिया पर अनेक भ्रांतियां फैलाई जा रही है। कोई कह रहा है कि 6 अप्रैल को भाजपा का स्थापना दिवस है, इसलिए 5 अप्रैल को घर घर में रोशनी करवाई जा रही है। सोशल मीडिया पर कुछ न्यूज चैनलों पर कहा जा रहा है कि यदि देशभर के लोग एक साथ बिजली बंद कर देंगे तो सप्लाई का विद्युत तंत्र बिगड़ जाएगा। चूंकि बिजली का उत्पादन लगातार होता है और बिजली को स्टोर करके भी नहीं रखा जा सकता है, इसलिए बिजली की सप्लाई और उपभोग लगातार होनी चाहिए। अफवाहों में कहा जा रहा है कि 9 मिनट के लिए बिजली बंद कर देने से पावर प्लांटों में तकनीक खराबी हो जाएगी। इस संबंध में बिजली तंत्र से जुड़े इंजीनियरों का कहना है कि ऐसा कई बार होता है, तब भी तो प्लांटों को सुरक्षित रखा जाता है। वैसे भी इन दिनों लॉकडाउन की वजह से उद्योग और फुटकर दुकानें देशभर में बंद हैं। बिजली खपत 25 प्रतिशत रह जाने के बाद प्लांटों को सूचारू बनाए रखा गया है। अब यदि 9 मिनट के लिए देशभर में बिजली भी बंद हो जाएगी तो सिस्टम पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। रात के समय में भी तो अधिकांश घरों में बिजली बंद रहती है। वैसे भी प्रधानमंत्री ने तीन दिन पहले ही लोगों को बता दिया, ऐसे में पावर प्लांट संचालित करने वाली कंपनियों ने अपने सिस्टम को तैयार कर लिया है। बिजली बंद होने से सिस्टम पर कोई प्रतिकूल असर पड़ेगा, ऐसी खबरें पूरी तरह  झूठी हैं। सोशल मीडिया पर जो लोग ऐसी झूठी खबरें चला रहे हैं, उनके विरुद्ध प्रशासन को आईटी एक्ट में कार्यवाही करनी चाहिए। प्रधानमंत्री का आव्हान देश का आव्हान है। कोई भी व्यक्ति देश के आव्हान को लेकर अफवाह नहीं फैला सकता है। हम प्रधानमंत्री के आव्हान की स्वच्छ आलोचना तो कर सकते हैं, लेकिन भ्रम नहीं फैला सकते। 
(साभार : एसपी.मित्तल)