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कैंसर रोग से फ़ाइट नहीं करना, इसे हराना है : डॉ आशु साह
December 27, 2019 • SANJAY JOSHI • राष्ट्रीय

मायशा फाउंडेशन ने कैंसर रोग से स्वस्थ हुई महिलाओं के साथ किया जागरूकता कार्यक्रम 

मिसेज एशिया इंटरनेशनल काजोल भाटिया के साथ की रैंप पर कैटवॉक 

बेंगलुरु। बच्चों एवं महिलाओं में कैंसर रोग के प्रति जागरूकता अभियान में अग्रणी संस्था मायशा हेल्थ केयर फाउंडेशन ने जैन यूनिवर्सिटी के संयुक्त तत्वाधान में एक कार्यक्रम आयोजित किया, जिसमें कैंसर रोग के प्राथमिक स्तर पर पता चलने पर इलाज संभव होने की जानकारी दी गई। साथ ही इस रोग से बचाव के स्लोगन लिखे कोटेशन भी प्रदर्शित किए गए। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मिसेज एशिया इंटरनेशनल श्रीमती काजोल भाटिया ने भाग लिया व कैंसर रोग के इलाज से ठीक हुई महिलाओं के साथ रेम्प पर कैटवॉक भी किया। मायाशा फाउंडेशन की चेयरपर्सन एवं कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉक्टर आशु साह ने बताया कि 50 से 80 वर्ष तक की करीब 50 बुजुर्ग महिलाओं ने ब्रेस्ट कैंसर रोग से फाइट नहीं, बल्कि हम लोग इस रोग को स्वीकार करके हरा सकते है। इस अवसर पर श्रीमती काजोल, डॉ आशु एवं सहयोगी अतिथि श्रीमती इंदिरा पवन ने कैंसर रोग जांच की अत्याधुनिक मैमोग्राम पोर्टेबल मशीन भी लॉन्चिंग की। डॉ आशु ने बताया कि मायशा फाउंडेशन अनेक विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम के सहयोग से जरूरतमंद लोगों को कैंसर सहित विभिन्न रोगों के परामर्श एवं इलाज में निशुल्क सेवाएं प्रदान कर रहा है। साथ ही निशुल्क फॉलोअप भी आवश्यक रुप से जारी रखते हैं। डॉ आशु ने इस अवसर पर कहा कि उम्र के साथ शरीर में होने वाले किसी अनावश्यक बदलाव होने पर उसे किसी से छिपाने की बजाय परिवारजनों को अथवा चिकित्सकों से परामर्श लेना चाहिए। उन्होंने सलाह भी दी कि 40 वर्ष की उम्र के बाद किसी भी महिला को तीन वर्ष में एक बार मैमोग्राफी जरूरी करानी चाहिए। साथ ही 20 वर्षीय नारी को भी स्वयं के स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहना चाहिए, ऐसे में कैंसर रोग से बचाव संभव है, चूंकि वर्तमान में यह रोग बहुत खर्चीला है। डॉ आशु ने वे अपने सप्पोर्टर्स सहयोगी जनों के प्रति आभार जताते कहा कि हमारे यहां इलाज के दौरान महिलाओं ने कैंसर रोग से संघर्ष नहीं किया बल्कि इस रोग को हराया गया है। श्रीमती काजोल ने भी मायशा फाउंडेशन के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने भी कहा कि कैंसर रोग लाइलाज नहीं जरूरत जागरूकता के साथ समय पर चिकित्सक के परामर्श से इलाज कराने की है।