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जीतो लेडीज विंग का पेरेंटिंग ब्लाइंडफोल्डेड कन्वर्सेशन पर कार्यक्रम आयोजित
January 12, 2020 • SANJAY JOSHIY • राष्ट्रीय

बेंगलुरु। जैन इंटरनेशनल ट्रेड ऑर्गनाइजेशन (जीतो) कार्यालय में जीतो लेडीज विंग ने पेरेंटिंग ब्लाइंडफोल्डेड कन्वर्सेशन पर कार्यक्रम आयोजित किया। नवकार महामंत्र के पाठ से शुरू हुए कार्यक्रम में जीतो लेडीज़ विंग की चेयरपर्सन मधु दोशी ने उपस्थित सभी माता-पिता (अभिभावकों) व बच्चों का स्वागत किया। उन्होंने 23 फरवरी 2020 को आयोजित होने वाले जीतो लेडीज विंग स्पोर्ट्स इवेंट की भी घोषणा की। उल्लेखनीय है कि यह आयोजन पैरेंट-चाइल्ड यानी माता पिता, संरक्षक और बच्चों के बीच बातचीत का उद्देश्य बातचीत को सक्षम और सुविधाजनक बनाकर पेरेंट-चाइल्ड बॉन्ड को मजबूत करना था, जो एक मजबूत बॉन्ड बनाने और उनके बॉन्ड को समृद्ध बनाने में मदद करेगा। मधु दोशी ने बताया कि अंधाधुंध परिवर्तन हर रिश्ते की जड़ एक शुद्ध प्रामाणिक प्रेम है जिससे हमारे सभी विचार और कार्य आधार पाते हैं। अभिभावक-बाल संबंध कमजोर होना,  पारिवारिक समय में कमी, व्यक्तिगत जीवन में सोशल मीडिया का अधिक दबाव, जोखिम और भागीदारी के कारण, आधुनिक समाज के बढ़ते दबाव और इस प्रकार कमजोर बंधन के कारण मजबूती से हार रहे हैं।  मजबूत और निकट परिवार सीधे बच्चे की खुशी, सीखने और सफलता की क्षमता पर स्कूल के अंदर और बाहर दोनों पर प्रभाव डालते हैं।  यह अक्सर गैर-अभिव्यक्ति का प्यार है जो गलतफहमी और अज्ञानता के लिए जगह देता है। वक्ता मयंक सोलंकी की वैल-एड इनिशिएटिव संस्था ने जीतो बैंगलोर चैप्टर में आंखों पर पट्टी बांधकर बातचीत का प्रयोग किया  ताकि बच्चों और माता-पिता के बंधन को बढ़ाया जा सके। इस समूचे कार्यक्रम को माता-पिता और बच्चों के लिए आकर्षक बनाया गया था। जीतो के सहमंत्री सज्जनराज मेहता ने बताया कि  जेजीटी सेमी-फाइनलिस्ट गायक आकाश छाजेड़ और उनकी टीम ने भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।  शरीर की सभी इंद्रियों का समुचित प्रयोग करने और माता-पिता और बच्चों में भावनाओं को संतुलित स्थिति में पनपाने के लिए गतिविधि के लिए अनुकूल माहौल बनाने के लिए संगीत का उपयोग रणनीतिक रूप से नियोजित क्षणों में किया गया।
कार्यक्रम में कोषाध्यक्ष भारती तातेड़, सरिता अरविंद खिवेसरा, माधवी लूनिया, रेशमा पुनमिया, प्रमिला अंचलिया, साधना जैन और लेडीज विंग के कई सदस्य मौजूद थे।  इस कार्यक्रम में बच्चों के साथ 100 से अधिक सदस्यों ने भाग लिया।  कार्यक्रम को सभी ने सराहा और भविष्य में ऐसे कई और कार्यक्रम आयोजित करने का अनुरोध किया।  कार्यक्रम की पूरी योजना का काम निदेशक चित्रा मेहता, परियोजना समन्वयक सरिता श्रीपाल खिवेसरा के नेतृत्व में आयोजित किया गया था।