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गुरु जन्मोत्सव के उपलक्ष में जिनेंद्र अभिषेक का सोहामणा आयोजन
January 12, 2020 • SANJAY JOSHIY • धार्मिक

बेंगलूरु। यहां श्री पार्श्व सुशील धाम में आचार्यश्री देवेंद्रसागरसूरीश्वरजी का जन्मदिवस रविवार को परमात्मा के अभिषेक करके मनाया गया। प्रातः काल में संपन्न हुए इस अभिषेक को निहारने और गुरु जन्मोत्सव पर्व में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। संपूर्ण अभिषेक का पुनीत लाभ घेवरचंद सुराना परिवार माईक्रोलेब वालो ने लिया।  आचार्यश्री देवेंद्रसागरजी ने संगीत की स्वरलहरियों व मंत्रोच्चार के साथ विधि-विधान से पार्श्वनाथ भगवान का महाअभिषेक व महापूजन करवाया। इस अवसर पर आचार्यश्री ने  अभिषेक का महत्व समझाते हुए कहा कि वैराग्यकल्पलता ग्रंथ में लिखा है कि परमात्मा का महाअभिषेक करने से रोग, शोक आधि-व्याधि का नाश होता है। घर परिवार संघ समाज व राष्ट्र में सुख-शांति व समृद्धि के साथ वांछित फल की प्राप्ति होती है। जिस घर के लोग नित्य परमात्मा के अभिषेक का लाभ लेते है तथा परमात्मा  की उपासना करते है उस घर का वातावरण धरती में ही स्वर्ग के समान हो जाता है। उन्होंने कहा कि  प्रायः बार-बार मन में यह प्रश्न उठना स्वाभाविक है कि हम स्मरण किसका करें, जो हमारा सभी प्रकार से कल्याण कर दे ? इसका उत्तर यह मंत्र 'कृतो स्मर' अर्थात्‌ उस कर्ता परमपिता परमात्मा का ही स्मरण करो, समाधान दे देता है। वे आगे बोले, मनुष्य का स्वभाव ही उसका शुत्र या मित्र होता है। स्वभाव ठीक करने के लिए संस्कारों का बहुत महत्व होता है। संस्कार बचपन में ही पड़ते हैं। यदि बचपन बिगड़ जाता है तो उसको बड़े होने पर संभालना कठिन हो जाता है। आचार्य श्री ने कहा कि परमात्मा ही निर्लेप और निर्मल है, सर्वव्यापक है और सर्वभक्तिमान है। माता-पिता, वृद्ध एवं गुरुजनों की सेवा करने वालों के घर संपदाएं आ जाती हैं। आजकल लोग, सेवा करना लज्जा का कारण मानने लगे हैं इसी कारण अनेक क्लेशों से घिरे रहते है। आचार्यश्री ने यह भी कहा कि 
दूसरों के प्रति अपने विचार सदैव अच्छे रखने चाहिए। सभी के कल्याण व शुभ की सोचें। सत्य मार्ग पर चलकर ही सुखद परिणाम संभव है। 
परमात्मा का स्मरण सब समस्याओं का समाधान है।