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गौ माता की सेवा ही सर्वोपरि है : कथावाचक शंकरसिंह
January 7, 2020 • SANJAY JOSHIY • धार्मिक

चेन्नई। महानगर के साहुकारपेट क्षेत्र के अम्मन कोइल स्ट्रीट स्थित खेतेश्वर भवन मे राजपुरोहित समाज ट्रस्ट चेन्नई के तत्वावधान में गौ कथा संकीर्तन एवं प्रवचन का आयोजन हुआ। इस अवसर पर गुजरात से आये गौ कथाकार शंकरसिंह राजपुरोहित पातावा ने गौ माता का महिमामंडन किया। कथा के माध्यम से उन्होंने बताया कि इस ब्रह्मांड की सबसे बडी शक्ति गौ माता में है। चारों युगों मे गाय की शक्ति है। गाय से ही समस्त सृष्टि का श्रृंगार होता है।उन्होने अपने प्रवचन के माध्यम से बताया कि मानव जीवन का कल्याण सिर्फ गौ माता ही कर सकती है। जो उसकी सेवा करता है उनका कल्याण होता है । गौ माता के शरीर पर 33 करोड रोम है और इन रोम-रोम मे 33 देवी-देवताओं का वास है। गौ माता में दया का भाव है, जो गाय से जुड गया वह ब्रह्मांड से जुड गया। गाय के सींग व पुंछ का सीधा संबंध सुर्य एवं ब्रह्मांड से है। उन्होने बताया कि मनुष्य को गौ उत्पादित पंचगव्यो का सेवन करना चाहिए ताकि स्वास्थ्य अच्छा रहे। उन्होंने यह भी कहा कि अपनी संतानों को गौ सेवा करने के लिए प्रेरित करना चाहिए। गाय अगर जीवन में नहीं है तो मानव जीवन का कल्याण संभव नहीं है। डॉ केसर सिंह के मुताबिक कथा के पश्चात आरती हुई तथा कथाकार शंकरसिंह राजपुरोहित का राजपुरोहित समाज ट्रस्ट की तरफ से ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष शिवसिंह बडी सवाई ने शाल ओढाकर कर भव्य स्वागत किया। इस अवसर पर राजपुरोहित समाज ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष शिवसिह बडीसवाई, ट्रस्ट के सहकोषाध्यक्ष राष्ट्रीय हिन्दु सेना के तमिलनाडु संयोजक डाॅ केशरसिंह  गादाणा, सह सचिव मदनसिह वरकाणा, नारायणसिह ठाकुरला, कानसिह चाडवास, सुरेन्द्रसिह बडीसवाई, सोहनसिह मालपुरिया श्री राजपुरोहित ट्रस्ट समुद्र मुदली के ट्रस्टी प्रभुराम नरसाणा, राजपुरोहित बाल संस्कार शाला के पदाधिकारी बगसिह बागरा, शंकरलाल रायपुरिया, अर्जुनकुमार भादरडा सहित बडी संख्या मे गौ भक्त मौजूद थे।