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डॉ वसंतविजयजी की महामांगलिक से चमत्कारों की श्रृंखला जारी, श्रवण-दर्शन के लिये उमड़ रहा श्रद्धा का सैलाब..
December 26, 2019 • SANJAY JOSHI • धार्मिक

राजगढ़। विश्व विख्यात कृष्णगिरी तीर्थ धाम शक्तिपीठाधिपति, मंत्र शिरोमणि, राष्ट्रसंत डॉ वसंतविजयजी द्वारा प्रभु पार्श्व पद्मावती व भैरव देव की विशेष साधना-आराधना कर सिद्ध बीज मंत्र युक्त चमत्कारिक महामांगलिक के चमत्कार धार जिले के राजगढ़ के श्रद्धालुओं में भी साक्षात रुप से देखे जा रहे हैं। श्रद्धा के सैलाब में जब अनेक लोगों को संतश्रीजी द्वारा पांच रुपए के सिक्के मिलने की घोषणा की गई तो बड़ी संख्या में महिलाओं-पुरुषों को घर व दुकान में 5-5 के रुपए के सिक्के प्राप्त हुए हैं। इनमें शहर के सैकड़ो श्रद्धालु शामिल हैं। वहीं 35 वर्षीय ईश्वर राठौड़ बीते 2 वर्षों से एक कोर्ट केस में मानसिक रूप से चिंतित थे, संत श्रीजी की पहली बार निश्रा प्राप्त कर अब तक इस न्यायिक मामले से वे चिंता मुक्त होकर संतुष्ट है तथा प्रफुल्लित-प्रसन्नचित नजर आ रहे हैं। 25 वर्षीय एक मंदबुद्धि बालक लोकेंद्र वरफ़ा ने पहली बार हाथ उठाकर संतश्री की निश्रा में तालियां बजाई। 50 वर्षीय सीमा महेंद्र मोदी को घर में ₹5 का सिक्का तो मिला ही वह पिछले काफी दिनों से घुटनों के दर्द से पीड़ित थी उसमें भी उन्हें काफी राहत मिल चुकी है। ऐसे ही अनेक शारीरिक-मानसिक व आधिव्याधि पीड़ाओं से मुक्त होकर राजगढ़ वासी फुले नहीं समा रहे, सुख समृद्धि की कामना से संत श्रीजी के प्रति हार्दिक वंदना प्रकट कर रहे हैं। राजगढ़ कस्बे में त्रिदिवसीय सर्वधर्म जन्म कल्याण महोत्सव के तहत अपने मुखारविंद से अमृतवाणी और महामांगलिक प्रदान करने आए डॉ वसंतविजयजी ने अपने अनेक विख्यात संगीतमय भजनों, भैरवाष्टकं की प्रस्तुतियों के साथ साथ प्रवचन में कहा कि माता-पिता, गुरु एवं परमात्मा के प्रति श्रद्धा एवं समर्पण भाव से भक्ति करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा परमात्म शक्ति के आगे कुछ भी असंभव नहीं है, जरूरत व्यक्ति को पूर्ण निष्ठा से भक्ति करने की है। आयोजन से जुड़े राजेंद्र कोठारी एवं डॉ सुनील मंडलेचा ने बताया कि कस्बे वासियों को सौभाग्य से पहली बार ऐसे दिव्य एवं चमत्कारिक संत श्रीजी की पावन निश्रा प्राप्त हुई है, जिसमें अनेक लोग लाभान्वित हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि संत श्रीजी की आगामी दिव्य महामांगलिक शनिवार 28 दिसंबर को गुजरात के दाहोद एवं 31 दिसंबर को नववर्ष के अवसर पर श्री नाकोडा जी तीर्थ धाम में होगी।