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अठारह अभिषेक, सत्तरभेदी पूजा व ध्वजारोहण के साथ रजत जयंति समारोह संपन्न
February 7, 2020 • SANJAY JOSHIY • धार्मिक

मुनिसुव्रत स्वामी-राजेंद्रसुरी जिन मंदिर में गूंजा पूण्याहम्-पूण्याहम्

बेंगलूरु। यहां एवेन्यु रोड़ स्थित श्री मुनिसुव्रतस्वामी-राजेंद्रसूरी जिन मंदिर के 25वर्ष पूर्ण होने पर रजत जयंति महोत्सव के तहत आयोजित हो रहे रत्नत्रयी महोत्सव के तहत शुक्रवार सुबह श्री भक्तामर पाठ एवं गुरु गुण इकतीसा सहित अठारह अभिषेक सह सत्तरभेदी पूजा की गई। इसके बाद आचार्यश्री देवेंद्रसागरसूरीश्वरजी व साध्वीश्री सूर्योदयाश्रीजी की पानव निश्रा में परमात्मा, गौतमस्वामीजी एवं गुरु महाराज की लाभार्थी परिवारों के सौजन्य से पुण्याहम-पुण्याहम, प्रियन्ताम-प्रियन्ताम.. की गूंज के साथ मंदिरजी के शिखर पर ध्वजारोहण किया गया। ट्रस्ट के अध्यक्ष भंवरलाल कटारिया ने बताया कि पूरे मंदिर परिसर को फूलों से श्रंगारित किया गया व धार्मिक एवं आध्यात्मिक उल्लास के साथ यह आयोजन संपन्न हुआ। इस अवसर पर धर्मसभा को संबोधित करते हुए आचार्यश्री देवेंद्रसागरजी  ने श्रद्धालुओं को बताया कि आवश्यक्तता से अधिक धन का संचय करना पाप है। उन्होंने बताया कि कड़ी मेहनत से कमाए धन को व्यर्थ में नहीं गंवाना चाहिए। मानव को धन का व्यय परमार्थ के लिए विवेकपूर्वक करना चाहिए। उन्होंने कहा कि भावना के साथ भगवान की भक्ति से जीव मात्र का कल्याण होता है।  प्रेम से मानव हर मुश्किल को आसान बना देता है।  उन्होंने जीव मात्र के कल्याण की भावना रख कर अहिंसा से परे रहने की नसीहत दी। अंत में बड़ी शांति का पाठ करके सभा का समापन किया गया। ट्रस्टी चंपालाल (ओसी) जैन ने बताया कि विधिकारक सुरेंद्र गुरुजी एवं विमलभाई द्वारा विधान संपन्न कराए गए। संगीतकार विजेश परमार ज्ञानी एवं पार्टी ने अनेक भक्तिमयी प्रस्तुतियां दी। डूंगरमल चोपड़ा ने बताया कि आचार्य श्रीजी का काम्बली ओढ़ाकर सत्कार किया गया। कार्यक्रम में बतौर अतिथि क्षेत्रीय पार्षद लीला शिवकुमार ने भी भाग लिया, जिनका बहुमान संघ-ट्रस्ट पदाधिकारियों ने किया। शहर के विभिन्न उपनगरों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। इस अवसर पर विभिन्न व्यवस्थाओं में अखिल भारतीय राजेंद्र युवक परिषद, महिला परिषद इकाई व मुनिसुव्रत महिला मंडल की सदस्याओं ने सहयोग किया।