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आदर्श एवं प्रतिष्ठित व्यक्तियों का सम्मान कर गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं : राज्यपाल पीएस. श्रीधरन पिल्लई
February 8, 2020 • SANJAY JOSHIY • राष्ट्रीय

आचार्यश्री लोकेशमुनिजी की निश्रा में सुर्यदत्ता के वार्षिकोत्सव में राष्ट्रीय जीवन गौरव पुरस्कारों का वितरण

  
 पुणे। "हमारा देश प्राचीन संस्कृति, परंपराओं से समृद्ध है। आज, इक्कीसवीं सदी में प्राचीन और आधुनिकता के संयोजन से ही राष्ट्र की प्रगति संभव है। यह विचार और स्वामी विवेकानंद का विचार साथ में ले कर सूर्यदत्ता शिक्षण संस्थान काम कर रहा है। वैश्विक स्तर पर अनुकरणीय और आदर्श व्यक्तियों को सम्मानित करने में आनंद के साथ स्वयं को गौरवान्वित भी महसूस कर रहा हूं।" यह विचार मिजोरम के राज्यपाल पीएस. श्रीधरन पिल्लई ने व्यक्त किए। वे यहां सुर्यदत्ता एज्युकेशन फाऊंडेशन की ओर से संस्थान के 22वें वार्षिकोत्सव अवसर पर दिये जाने वाले ‘सुर्यदत्ता राष्ट्रीय जीवनगौरव’ और सुर्यदत्ता राष्ट्रीय पुरस्कार' का वितरण करने के बाद अपना वक्तव्य दे रहे थे। बावधन के सुर्यदत्ता ग्रुप ऑफ इन्स्टिट्यूट के कॅम्पस में संपन्न हुए इस पुरस्कार वितरण समारोह की अध्यक्षता अहिंसा विश्वभारती के संस्थापक अध्यक्ष आचार्यश्री डॉ. लोकेशमुनिजी ने की। विद्यापीठ अनुदान आयोग के उपाध्यक्ष डॉ. भूषण पटवर्धन, दलित इंडियन चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के (डिक्की) अध्यक्ष मिलिंद कांबले, अभिनेता रजा मुराद, सुर्यदत्ता ग्रुप ऑफ इन्स्टिट्यूट के संस्थापक अध्यक्ष डॉ. संजय चोरडिया व उपाध्यक्ष सुषमा चोरडिया ने यह राष्ट्रीय पुरस्कार संयुक्त रुप से प्रदान किये। मंच पर मौजूद लेफ्ट. जनरल (सेवानिवृत्त) डॉ. दत्तात्रय शेकटकर (राष्ट्रसेवा), डॉ. विकास आमटे (वैद्यकीय सामाजिक सेवा), द्वारका जालान (साहित्य), टोनींनो लॅम्बोर्गिनी (अंतरराष्ट्रीय उद्योगपति), पद्मश्री सुधा मल्होत्रा (पार्श्वगायन), डॉ. मकरंद जावडेकर (कॉर्पोरेट), डॉ. कमल टावरी (खादी और समग्र विकास), मनोरंजन ब्यापारी (साहित्य), फरीद शेख (छायाचित्रण और पुरातन कैमरों का संग्रहण), डॉ. रेणू राज (कानून और न्यायव्यवस्था) आदि को ‘सुर्यदत्ता राष्ट्रीय जीवनगौरव पुरस्कार’ प्रदान किया गया। वहीं पद्मश्री सोमा घोष (भारतीय शास्त्रीय संगीत), डॉ.अर्णब भट्टाचार्य (शिक्षण और संशोधन), राजेश बत्रा (लोकसेवा), विमला बाफना (कॉर्पोरेट, सीएसआर), महेश नामपूरकर (स्थापत्यशास्त्र लेखन), नमिता कोहक (शौर्य), गोपिका वर्मा (नृत्यकला-मोहिनीअट्टम और वारसा संवर्धन) को ‘सुर्यदत्ता राष्ट्रीय पुरस्कार’ देकर सम्मानित किया गया। संतश्री डॉ. विष्णू महाराज पारनेरकरजी को ‘सुर्यरत्न आधुनिक युग के संत पुरस्कार’ से नवाजा गया, जो कि उनके पुत्र गुणेश ने प्राप्त किया।  लोम्बार्गिनी की ओर से मुख्य कार्यकारी अधिकारी फेरोसिया लोम्बार्गिनी ने पुरस्कार का स्वीकार किया। पुरस्कार के इस अठारवें वर्ष के भव्यतम आयोजन से अभिभूत मुख्य अतिथि श्रीधरन पिल्लई ने कहा कि हर व्यक्ति राष्ट्र की प्रगति में योगदान देता है। उल्लेखनीय कार्य करने वाले इन व्यक्तित्वों का सम्मान कर के सुर्यदत्ता ग्रुप छात्रों के सामने ऊर्जा केंद्र बना है। इस दौरान डॉ. भूषण पटवर्धन ने कहा, पुरस्कार समारोह के माध्यम से अलग-अलग क्षेत्र के प्रतिष्ठित व्यक्तियों को संस्था से जोड़ने का काम सुर्यदत्ता कर रहा है। उन्होंने कहा कि छात्रों की प्रगति में संस्था के इस काम का आदर्श महत्वपूर्ण है। कार्यक्रम में आचार्यश्री लोकेशमुनिजी ने कहा कि छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षा के क्षेत्र में सूर्यदत्ता ग्रुप की टीम बहुत अच्छा काम कर रही हैं। एक प्रकार से यह देश के निर्माण का काम कर रहे है। रजा मुराद ने सभी पुरस्कार विजेताओं को बधाई देते हुए कहा कि ये विजेता वास्तव में विजेता हैं, जिनके काम से सही मायने में समुदाय की सेवा की जा रही है। डॉ विकास आमटे, डॉ मकरंद जावड़ेकर, डॉ नमिता कोहक, सुधा मल्होत्रा, गोपिका वर्मा, डॉ. रेणू राज सहित सभी पुरस्कार विजेता वक्ताओं ने अपने-अपने विचार साझा करते हुए पर्यावरण सुरक्षा, पानी बचाने, स्वस्थ भारत, राष्ट्रीयता सहित परस्पर प्रेम-भाईचारा और सद्भावना को बढ़ाने की बातें कही। सूर्यदत्ता के फाउंडर चेयरमैन डॉ. संजय चोरडिया सभी का स्वागत करते हुए कहा कि विभिन्न क्षेत्रों की आदर्श हस्तियों को सम्मानित करके छात्रों को प्रेरित करने का एक यह एक प्रयास भर  है। उन्होंने कहा कि पुरस्कार प्राप्त करने वाले सभी हमारे सामने प्रेरणा स्रोत हैं। मशहूर एंकर शिल्पा भेंडे व सिद्धांत चोरडिया ने कार्यक्रम का प्रभावी संचालन किया। अमेरिका, लंदन, इटली, जर्मनी, नीदरलैंड्स के पुरस्कारार्थियों, शहर की दिग्गज सख्सियतों सहित बड़ी संख्या में गणमान्य एवं छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। स्व. बंशीधरजी एवं रतनी बाई चौरडिया के छायाचित्र के समक्ष अतिथियों द्वारा दीप रोशन कर एवं राष्ट्रगान के साथ शुरू हुए कार्यक्रम में
सूर्यदत्ता के सीईओ डॉ. शैलेश कासंडे ने सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया।